शादी के बाद लड़की का नाम मायके के कार्ड पर पड़ा रहता है, ससुराल वाले कहते हैं अनाज नहीं मिलेगा। दोनों तरफ नाम एक साथ नहीं चलता, एक जगह से काटकर दूसरी जगह जुड़ना पड़ता है।
नया सदस्य
जन्म प्रमाण, आधार, जन आधार। बच्चे का आधार बनने में समय लगे तो जन्म प्रमाण से आवेदन चलता है, बाद में आधार लिंक करो।
नाम कटवाना
मृत्यु प्रमाण या शादी प्रमाण। बिना काटे नया कार्ड दूसरी जगह अटकता है। पुरानी स्लिप साथ रखो।
मोबाइल और बायोमेट्रिक
राशन दुकान पर अंगूठा लगता है। आधार का मोबाइल अपडेट न हो तो OTP वाली योजनाएँ अटकती हैं। कार्ड छपने से पहले नंबर चेक कर लो।
कितना इंतजार
ऑनलाइन आवेदन के बाद फील्ड वेरिफिकेशन हो सकता है। घर पर कोई बुजुर्ग रहें जो दस्तावेज़ दिखा सकें। दुकान स्टेटस बता देती है, अधिकारी के घर हम नहीं घुस सकते।

