हर साल जुलाई-अगस्त में लाइन लगती है। फॉर्म लग गया मानकर घर चले गए, दो हफ्ते बाद फोन आता है — आपत्ति आ गई, तारीख कल खत्म। सामान्य आपत्ति एक स्कैन से हटती है, बड़ी आपत्ति में नया प्रमाण पत्र चाहिए।
घर से ये निकाल कर लाओ
SSO आईडी, जन आधार, जाति प्रमाण, आय प्रमाण, छात्र के नाम की पासबुक, संस्थान बोनफाइड, मार्कशीट। नाम हर कागज़ पर एक जैसा हो। रामकुमार और राम कुमार सिस्टम को दो आदमी लगते हैं।
आपत्ति क्यों लगती है
फोटो कट जाना, आय सीमा से ऊपर दिखना, जाति प्रमाण पुराना साल का, खाता आधार से लिंक न होना। पासबुक पर नाम पिता का हो और फॉर्म छात्र का — यही सबसे आम अड़चन है।
दुकान पर क्या होता है
हम फॉर्म भरते हैं, स्कैन चेक करते हैं, आपत्ति आने पर दोबारा लगाते हैं। SSO पासवर्ड भूल गए हो तो रीसेट भी हो जाता है। अंतिम तिथि वाले दिन पोर्टल धीमा रहता है, दो दिन पहले आ जाना।
पैसे का हिसाब
सरकारी फीस पोर्टल पर लगती है, दुकान की सेवा अलग। सामान्य आपत्ति सस्ती, बड़ी आपत्ति में नया दस्तावेज़ बनवाना पड़ सकता है। रसीद रख लो, बाद में पूछताछ में काम आती है।

