छात्रवृत्ति, नौकरी, कॉलेज — तीनों में यही तीन कागज़ माँगे जाते हैं। लोग पुराना स्कैन भेज देते हैं, तारीख निकल चुकी होती है। आय प्रमाण अक्सर एक साल का मान्य होता है, जाति बार-बार नहीं बनानी पड़ती अगर पहले सही बना हो।
जाति प्रमाण
पिता/पति का जाति प्रमाण, आधार, जन आधार, और कभी-कभी स्कूल सर्टिफिकेट। नाम और गाँव की स्पेलिंग पुराने कागज़ जैसी रखो। नई स्पेलिंग से वंश का सिलसिला टूटता दिखता है, पटवारी आपत्ति लगा देता है।
मूल निवास
राजस्थान में कितने साल से रह रहे हो, सबूत चाहिए। बिजली बिल, वोटर, जन आधार। बाहर की नौकरी से लौटे हो तो दस्तावेज़ का सिलसिला साफ रखना।
आय प्रमाण
नौकरी हो तो सैलरी स्लिप, खेती हो तो पटवारी विवरण, छोटे व्यापार पर स्वघोषणा। आय कम दिखाने के चक्कर में झूठ मत लिखो, जाँच में फँसता है। ईडब्ल्यूएस अलग फॉर्म है, साधारण आय प्रमाण उसकी जगह नहीं चलता।
दुकान की भूमिका
हम फॉर्म भरते हैं, स्कैन लगाते हैं, स्थिति बताते हैं। मंजूरी तहसील/अधिकारी की होती है। Beelwa Kalan से आवेदन लग जाता है, भाग-भाग कर कतार कम लगती है।

